किरायानामा (Rent Agreement) का होला?
किरायानामा मकान मालिक आ किरायेदार के बीच के एगो कानूनी दस्तावेज हवे। एहमें मकान के इस्तेमाल, महिना के किराया, सुरक्षा राशि (डिपॉजिट) आ मियाद साफ-साफ लिखल रहेला।
पटना, बनारस, गोरखपुर आ पूरा इलाका खातिर १० मिनट में पक्का किरायानामा तैयार करीं। मकान मालिक आ किरायेदार दुनू खातिर सुरक्षित नियम।
बिहार, यूपी आ पूरा भारत में मकान मालिक आ किरायेदार के कानूनी अधिकार आ सुरक्षा खातिर जरूरी दिशानिर्देश।
किरायानामा मकान मालिक आ किरायेदार के बीच के एगो कानूनी दस्तावेज हवे। एहमें मकान के इस्तेमाल, महिना के किराया, सुरक्षा राशि (डिपॉजिट) आ मियाद साफ-साफ लिखल रहेला।
कवनो मकान, फ्लैट, कमरा, दुकान चाहे गोदाम किराये पर देवे भा लेवे वाला हर आदमी खातिर लिखित समझौता बहुत जरूरी बा, ताकि आगे चलके कवनो विवाद ना होखे।
एहके रेंट एग्रीमेंट चाहे लीज डीड भी कहल जाला। एकर मतलब होला कि मालिकाना हक दिये बिना एगो तय समय खातिर रहे भा व्यापार करे के इजाजत दिहल।
समझौता में मालिक आ किरायेदार के पूरा नाम, आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड आ स्थायी पता सही-सही होखे के चाहीं। साथे-साथे किराये वाली जगह के पूरा विवरण दर्ज होखे।
हर महिना दिहल जाये वाला किराया, देवे के तारीख आ तरीका साफ तय होखे के चाहीं। साथे ही जमानत राशि (Security Deposit) आ मकान खाली करत घरी ओकरा वापसी के नियम तय होखे।
भारत में जादेतर किरायानामा ११ महीना खातिर बनेला, काहेंसे कि १२ महीना भा ओसे बेसी खातिर रजिस्ट्री करावे के पड़ेला। खाली करावे खातिर नोटिस पीरियड तय होखे के चाहीं।
बिजली आ पानी के बिल के भरी, सोसाइटी के चार्ज केकरा जिम्मा रही आ मकान के मरम्मत के करवाई, ई बात पहिले ही तय होखे के चाहीं।
मकान खाली रहे खातिर इस्तेमाल होई, दोसरा के किराये पर ना दिहल जाई, आ मालिक के सूचना देके जांच करे के अधिकार एहमें शामिल रहेला।
किरायानामा बनवावे खातिर दुनू पक्ष के आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो आ दुगो गवाह के पता आ दस्तखत जरूरी होला।
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आपन राज्य के नियमानुसार तय स्टाम्प ड्यूटी वाला ई-स्टाम्प पेपर पर प्रिंट करा के दुनू पक्ष आ गवाह के दस्तखत करावे के चाहीं।